डिलीवरी के बाद गर्मी में भी ठंड क्यों लगती है? कारण और उपाय

डिलीवरी के बाद ज़रूरत से ज़्यादा ठंड लगना एक असली अनुभव है, और यह कई नई मांओं को हैरान कर देता है। ज़्यादातर लोग जानते हैं कि डिलीवरी के बाद हार्मोन बदलने से गर्मी या पसीना आ सकता है, लेकिन उस कंपकंपी, ठंड और बर्फ़ जैसे ठंडे पैरों की बात कम होती है जो अचानक आ जाते हैं, भरी गर्मी में भी।
डिलीवरी के बाद ठंड लगना (पोस्टपार्टम कोल्ड सेंसिटिविटी) क्या है?
इसका मतलब है बच्चे के जन्म के बाद आम से ज़्यादा ठंड महसूस होना। यह डिलीवरी के बाद पहले कुछ दिनों में, या कुछ हफ़्तों तक भी हो सकता है। हो सकता है आप मौसम गर्म होने पर भी कई कपड़े पहनें, गर्म पानी की बोतल माँगें, या पंखे और AC से दूर रहें।
यह सिर्फ़ आपका वहम नहीं है। आपका शरीर अंदर हुए बड़े बदलावों के बाद ठीक हो रहा है और खुद को फिर से सँभाल रहा है।
नई मांओं को डिलीवरी के बाद ठंड क्यों लगती है?
1. हार्मोन का उतार-चढ़ाव बच्चे के जन्म के बाद एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का लेवल तेज़ी से गिरता है। ये हार्मोन शरीर का तापमान कंट्रोल करने में मदद करते हैं। जब ये अचानक गिरते हैं, तो शरीर का अंदरूनी "थर्मोस्टैट" गड़बड़ा सकता है, और आपको ठंड लग सकती है, जबकि आसपास ठंड नहीं होती।
2. खून की कमी और ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव डिलीवरी में, चाहे नॉर्मल हो या सी-सेक्शन, अक्सर खून जाता है। शरीर में खून कम होने का मतलब हो सकता है कि सर्कुलेशन कम हो और हाथ-पैर ठंडे रहें। शरीर को खून की मात्रा फिर से बनाने और सर्कुलेशन सामान्य करने में समय लगता है।
3. थकान और नींद की कमी सच कहें तो डिलीवरी के बाद के हफ़्तों में पूरी नींद किसी ऐशो-आराम जैसी है। बहुत ज़्यादा थकान से शरीर का तापमान कंट्रोल करने का सिस्टम गड़बड़ा सकता है। जब शरीर पर काम ज़्यादा हो और आराम कम, तो वह अजीब तरीकों से एनर्जी बचाता है, जैसे आपको ठंड का एहसास कराकर।
4. थायरॉइड में बदलाव (पोस्टपार्टम थायरॉइडाइटिस) कुछ महिलाओं में डिलीवरी के बाद कुछ समय के लिए थायरॉइड ठीक से काम नहीं करता। थायरॉइड कम काम करे (हाइपोथायरॉइडिज़्म) तो ठंड ज़्यादा लगना, थकान और मूड में बदलाव हो सकते हैं। अगर आपको लगातार ठंड लगती है और सुस्ती रहती है, तो डॉक्टर से थायरॉइड की जाँच के लिए कहना ठीक रहेगा।
5. भावनाओं और नर्वस सिस्टम में बदलाव नर्वस सिस्टम, खासकर उसका वह हिस्सा जो शरीर का तापमान और दिल की धड़कन जैसी चीज़ें कंट्रोल करता है, डिलीवरी के तनाव से बहुत प्रभावित होता है। एंग्ज़ायटी (घबराहट), पोस्टपार्टम डिप्रेशन, या बस हर समय बेचैनी रहना भी आपको ठंड जैसे एहसासों के प्रति ज़्यादा सेंसिटिव बना सकता है।
कब चिंता करनी चाहिए?
अगर कभी-कभार थोड़ी ठंड लगती है, तो यह शायद सामान्य है। लेकिन अगर आपको लगातार कंपकंपी हो, ठंड बर्दाश्त न हो, थकान, बाल पतले होना, उदासी या दिल की धड़कन अनियमित लगे, तो इसकी वजह कुछ और हो सकती है, जैसे पोस्टपार्टम थायरॉइडाइटिस या एनीमिया (खून की कमी)।
अगर कुछ भी ठीक न लगे, तो अपनी डॉक्टर से ज़रूर बात करें। चुपचाप परेशान रहने से अच्छा है पूछ लेना।
डिलीवरी के बाद ठंड लगे तो क्या करें
- समझदारी से कपड़ों की परतें पहनें: मुलायम मोज़े, स्वेटर और एक आरामदायक कंबल पास रखें, खासकर रात में बच्चे को दूध पिलाते समय।
- पानी पीती रहें: शरीर में पानी की कमी से सर्कुलेशन की परेशानी बढ़ सकती है। खूब गुनगुना पानी पिएं।
- गर्म, पौष्टिक खाना खाएं: जैसे सूप और पौष्टिक शोरबे, जो सर्कुलेशन और रिकवरी में मदद कर सकते हैं।
- हल्का-फुल्का चलें-फिरें: हल्की सैर और डिलीवरी के बाद के लिए सुरक्षित स्ट्रेचिंग सर्कुलेशन बेहतर करने में मदद करती है।
- आयरन और थायरॉइड की जाँच करवाएं: थकान और ठंड ज़्यादा लगना, अक्सर किसी कमी या गड़बड़ी के आम संकेत होते हैं।
- खुद के साथ नरमी बरतें: आपका शरीर ठीक होने के लिए बहुत मेहनत कर रहा है। जो आप महसूस कर रही हैं, उसे टालें नहीं।
डॉक्टर से कब मिलें
डिलीवरी के बाद इनमें से कुछ भी हो, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएं:
- 38 °C या उससे ज़्यादा बुखार
- बुखार के साथ ठंड लगना या कंपकंपी
- योनि से बदबूदार डिस्चार्ज
- बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग, जैसे एक घंटे में पैड पूरा भीग जाना, या खून के बड़े थक्के आना
- पिंडली (पैर के पिछले हिस्से) में दर्द, लाली और सूजन
- साँस फूलना या सीने में दर्द
ये इन्फ़ेक्शन, खून के थक्के (क्लॉट) या ऐसी ब्लीडिंग के संकेत हो सकते हैं, जिसका जल्दी इलाज ज़रूरी है। अगर ब्लीडिंग बहुत ज़्यादा हो, या साँस फूलना या सीने का दर्द अचानक या बहुत तेज़ हो, तो इंतज़ार न करें: तुरंत 112 पर कॉल करें या सबसे पास के इमरजेंसी विभाग में जाएं।
डिलीवरी के बाद ऐसा लगना कि शरीर अपना नहीं है, परेशान कर सकता है, लेकिन बहुत सी नई मांओं के साथ यही होता है। डिलीवरी के बाद ठंड लगने का मतलब यह नहीं कि आप कमज़ोर या बीमार हैं; इसका मतलब है कि आपका शरीर खुद को फिर से सँभाल रहा है।
सही देखभाल, गर्माहट और आराम के साथ यह ठंड चली जाएगी। तब तक खुद को आराम और प्यार की गर्माहट में लपेटे रखें।
यह सामान्य जानकारी है, मेडिकल सलाह नहीं। अपनी सेहत के बारे में डॉक्टर से बात करें।
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